What Next ? After 10 th class Pass| 10th ke baad Kounsa Subject le |10वीं के बाद क्या करे

10th ke baad konsa course kare

हम सभी जानते हैं की 10वीं कक्षा (10 th class) पास करना हमारें जीवन में कितना महत्वपूर्ण पलों में से एक यादगार पल होता हैं। यही से शायद हमारें जीवन का भविष्य का लगभग निर्धारण हो सकता हैं। आप सभी विद्यार्थी के साथ-साथ आपके माता-पिता या अभिभावक के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण समय हैं यह निर्णय लेने के लये की आप आंगे कौन सा विषय लेकर आंगे की शिक्षा प्राप्त कर अपना भविष्य का निर्धारण करेगे। यहाँ पर थोड़ी सी चुक आपकों आने वाले भविष्य में परेशानीयों का सामना भी करा सकती हैं।

अधिकतर विद्यार्थी को मैंने देखा हैं की वह 10वीं पास करने के बाद ही अपने करियर के प्रति गंभीर होते हैं। साथ उनके दिमाग में ज्यादातर यही प्रश्न घूमता रहता है :

10वीं के बाद क्या करें? (10 th class)

10वीं पास करने के बाद, आप कई विभिन्न विकल्पों में से एक चुन सकते हैं। यह आपके शैक्षणिक इंट्रेस्ट, आपके अभिरुचि के आधार पर निर्भर करता है। कुछ उपलब्ध विकल्प निम्नलिखित हैं:

  • 11वीं कक्षा जारी रखें: अधिकांश छात्र 11वीं कक्षा जारी रखते हैं और अपने शैक्षणिक कैरियर को आगे बढ़ाते हैं।
  • व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त करें: कुछ विद्यार्थी दसवीं के बाद व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं ताकि वे एक विशेष फील्ड में विशेषज्ञता प्राप्त कर सकें।
  • दसवीं के बाद व्यावसायिक पाठ्यक्रम: यह एक अलग विकल्प है जिसे दसवीं के बाद किया जा सकता है। यहाँ पर विद्यार्थी विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में चयन कर सकते हैं जैसे कि ITI आदि।
  • अन्य उच्च शिक्षा द्वारा जारी रखें: कुछ विद्यार्थी दसवीं के बाद उच्च शिक्षा जारी रखते हैं, जैसे कि अभियांत्रिकी, व्यवसाय प्रबंधन, कला आदि।

10वीं के बाद कौन सा स्ट्रीम को चुनें?

10वीं के बाद, आप विभिन्न स्ट्रीम्स जैसे कि साइंस, कला और वाणिज्य में से चुन सकते हैं। आपको अपने इंटरेस्ट और अभिरुचि के आधार पर अपने लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए स्ट्रीम चुनना चाहिए।

यहां नीचे कुछ स्ट्रीम दिए गए हैं, जो आपको मदद कर सकते हैं:

  1. साइंस स्ट्रीम: इस स्ट्रीम में विज्ञान, गणित और अन्य विषयों की विस्तृत जानकारी होती है। इस स्ट्रीम को चुनने के बाद, आप इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य उच्च शिक्षा के लिए तैयार हो सकते हैं।
  2. कला स्ट्रीम: यह स्ट्रीम उन छात्रों के लिए होती है जो कला और सामाजिक विज्ञान की ओर रुझान रखते हैं। इस स्ट्रीम को चुनने के बाद, आप आर्ट्स, शिक्षा, लॉ आदि के लिए तैयार हो सकते हैं।
  3. वाणिज्य स्ट्रीम: इस स्ट्रीम में व्यवसाय, अर्थशास्त्र और लेखाकर्म जैसे विषय शामिल होते हैं। यह स्ट्रीम विद्यार्थियों को बिजनेस एवं वित्तीय क्षेत्र में जानकारी प्रदान करती है।

दसवीं के बाद कौन सा सब्जेक्ट लेंना चाहिए?

दसवीं के बाद, आपको उच्च माध्यमिक शिक्षा के लिए तैयार होने के लिए कुछ विषयों को चुनना चाहिए। आपको विषय चुनते समय अपनी इंटरेस्ट और अभिरुचि को ध्यान में रखना चाहिए। यदि आप उन विषयों के बारे में अधिक जानना चाहते हैं जो आपको उच्च माध्यमिक शिक्षा के लिए तैयार कर सकते हैं, तो निम्नलिखित विषयों को जान सकते हैं:

विज्ञान: इसमें भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान शामिल होते हैं। यह विषय वे छात्रों के लिए होता है जो इंजीनियरिंग और मेडिकल जैसी उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं।

गणित: यह विषय उन छात्रों के लिए होता है जो गणित में रुचि रखते हैं और इंजीनियरिंग या कम्प्यूटर एप्लिकेशन डेवलपमेंट जैसी उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं।

सामाजिक विज्ञान: इसमें इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र शामिल होते हैं।

अगर वह 10वीं के बाद आगे की पढ़ाई नही करना चाहता है तो, क्या करें?

यदि कोई व्यक्ति 10वीं के बाद आगे की पढ़ाई नहीं करना चाहता है, तो उन्हें कुछ अलग करियर विकल्प भी हो सकते हैं। कुछ विकल्प निम्नलिखित हैं:

  • व्यापार: व्यापार एक बहुत अच्छा करियर विकल्प हो सकता है, जहां व्यक्ति अपने खुद के व्यवसाय की शुरुआत कर सकते हैं।
  • सरकारी नौकरी: यदि व्यक्ति सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करना चाहता है, तो उन्हें संबंधित भर्ती प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी जुटानी होगी।
  • फ्रीलांसिंग: अगर व्यक्ति कुछ ऐसा करना चाहता है जो उनकी रुचि के अनुसार होता है तो फ्रीलांसिंग एक अच्छा विकल्प हो सकता है। यह उन्हें अपने समय और काम की तरह आवश्यकताओं के अनुसार काम करने की स्वतंत्रता भी देता है।
  • स्वयंप्रेरणा: यदि व्यक्ति स्वयंप्रेरणा भावना से गुंजाइश रखता है, तो उन्हें कुछ नये विकल्प खोजने की सलाह दी जा सकती है। वे अपने होबी के अनुसार कोई काम शुरु कर सकते हैं।

दसवीं के बाद कौन सी पढ़ाई करनी चाहिए?

दसवीं के बाद कौन-कौन से जॉब मिलतें है।

मैंने देखा हैं की अधिकतर विद्यार्थी और उनके माता-पिता या अभिभावक 10वीं के बाद कई सारी गलतियां करते हैं। जो आंगे मुश्किल भी पैदा करती हैं। ज्यादातर गलतियां सही विषय, या करियर चुनने को लेकर होती हैं। साथ ही अच्छे कॉलेज को चुनने को लेकर भी होती हैं।
10वीं के बाद की जानी वाली इन गलतियों को जानना वहुत जरुरी हैं और उनसे बचना बहुत जरूरी है।
आप अगर किसी से भी पूछेंगे या 10वीं कक्षा के कुछ विद्यार्थियों से पूछें की 10वीं के बाद क्या करना चाहिए? तो उनमें से ज्यादातर विद्यार्थी का जबाब होगा इंटर (11वीं और 12वीं)। 10वीं के बाद आपका इंटर करना एक अच्छा फैसला है।
अगर कोई विद्यार्थी किसी कारणवश जैसे पैसे या समय की दिक्कत के कारण इंटर नहीं करना चाहता है, या नहीं कर पा रहा है तो क्या उसके लिए कोई और रास्ता भी है?
क्या आपको भी वे अन्य रास्ते पता है?
अगर आपकों नही पता है तो आप इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें, जिससे आप कई रास्ते जान जाएंगे. आपको अगर जानकरी भी है, फिर भी इस ब्लॉग पोस्ट को पूरा पढ़े। इससे आपके और ज्ञान प्राप्त होगा, वहुत कुछ नया जानने को मिलेगा और सबसे बढ़कर ये के इस पोस्ट को पूरा पढ़ने के बाद आपको ये क्लियर हो जाएगा के 10वीं के बाद क्या करें और क्या न करें ?
कक्षा 12 वीं में निम्नलिखित विषय विज्ञान शैक्षणिक क्षेत्र है –
क्लास 10th के बाद कौन सा सब्जेक्ट लेना चाहिए?
यह कोर्स इंटर जिसे इंग्लिश में 12th Intermediate कहतें हैं। यह कोर्स का समय दो वर्ष ( 2 years ) होता हैं। इसमें मुख्यतः तीन विषय (Basic 3 subject) क्षेत्र होतें हैं।
पहला विषय संकाय विज्ञान (Science stream) ,
दूसरा विषय संकाय कला (Arts stream)
तीसरा विषय संकाय वाणिज्य (Commerce stream) हैं ।
विज्ञान संकाय (Science stream) ,
पहला विषय गणित विज्ञान (Math Science) जिसमें तीन विषय ग्रुप हैं गणित (Mathematics), भौतिकी (Physics), , रसायन विज्ञान (Chemistry), जिसे सॉर्ट फॉर्म में MPC भी कहतें हैं।
दूसरा विषय जीव विज्ञान (biology) जिसमें तीन विषय ग्रुप हैं जीव विज्ञान (Biology), फिजिक्स (Physics), और केमिस्ट्री (Chemistry) जिसे सॉर्ट फॉर्म में BiPC भी कहतें हैं।
तीसरा विषय Library Science हैं।
विज्ञान (Science) विषय से अगर इंटर करतें हैं :
आज के समय इंटर में साइंस सब्जेक्ट को लेकर पढ़ने को बहुत अहम माना जाता हैं। मैंने देखा हैं की ज्यादातर विद्यार्थी भी साइंस को ही पसंद करते हैं। विद्यार्थी से ज्यादा उनके माता-पिता या अभिभावक भी यही चाहते है कि उनका बच्चा साइंस से ही इंटर की शिक्षा पूर्ण करें।
अगर आप साइंस सब्जेक्ट से इंटर कम्पलीट करते हैं तो बहुत बड़ा फायदा ये होता है कि आप जब चाहे विषय बदल सकतें हैं। मतलब स्नातक (graduation) में अपना स्ट्रीम बदल सकते हैं। जैसे आपने इंटर साइंस स्ट्रीम से पास की है लेकिन आप चाहते है। अब ग्रेजुएशन आप आर्ट्स या कॉमर्स विषय से करेंगें, तो आप भी ऐसा वहुत आसानी से कर सकते है। क्योंकि साइंस विषय के अलावा आपकों किसी अन्य विषय और स्ट्रीम में यह सुविधा उपलब्ध ही नहीं मिलेगी है।
इंटर में अगर आप साइंस लेकर पढ़ते हैं तो आपके लिए कई सारे वेहद अच्छे करियर के दरवाजे भी खुलते हैं। इन करियर में पैसा और इज्जत दोनों हाथों से खूब मिलती हैंआप अपने चोरों ओर देखेते ही होंगे।
इस विषय के कुछ प्रमुख करियर विकल्प है :
डॉक्टर: आज आप डॉक्टर के करियर में जो लोंग हैं वे वेहद सफल जीवन जी रहें हैं और आपको कोई भी डॉक्टर करियर को लेकर परेशान नहीं मिलेगा।
इंजीनियर: आप इस विषय से भी करियर बना सकतें हैं।
आईटी: क्षेत्र से भी आप अपना करियर बना सकतें हैं।
शोध (research): वेहद महत्वपूर्ण जुमेदारी वाला करियर बना सकतें हैं।
एविएशन: आप विमानन क्षेत्र करियर बना सकतें हैं।
मर्चेंट नेवी: करियर बना सकतें हैं।
फॉरेंसिक साइंस: करियर बना सकतें हैं।
एथिकल हैकिंग: करियर बना सकतें हैं।
अगर आप का सपना अगर डॉक्टर या इंजीनियर बनना है तो आप ज्यादा ये न सोचें के 10वीं के बाद क्या करें? बल्कि इंटर में साइंस ले ही लेंआपके लिए वहुत अच्छा होगा।
साइंस स्ट्रीम को हम मुख्यत: दो भागों में बटा हुआ जानतें है:
पहला मेडिकल पीसीबी (PCB) (भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान), Physics, Chemistry, Biology
दूसरा नॉन-मेडिकल पीसीएम (PCM) (भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित), Physics, Chemistry, Mathematics
यह एक पीसीएमबी (भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित, जीव विज्ञान)।
साइंस स्ट्रीम क्षेत्र की शिक्षा में फिजिक्स(Physics) और केमिस्ट्री(Chemistry) दोनों विषय कॉमन होते हैं. जबकि नॉन-मेडिकल (PCM) Physics, Chemistry, Mathematics में फिजिक्स और केमिस्ट्री के साथ गणित (mathematics) भी होता है।
जबकि मेडिकल (PCB) Physics, Chemistry, Biologyमें फिजिक्स और केमिस्ट्री के साथ जीव विज्ञान (biology) होता है। आप मेडिकल क्षेत्र में (PCB) में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के साथ-साथ मैथमेटिक्स (PCB-M) भी पढ़ सकते हैं।
मेडिकल (PCB) शिक्षा और नॉन-मेडिकल (PCM) दोनों के साथ आपकों अंग्रेजी (english) विषय अनिवार्य भाषा के तौर पर होता है। इन सबके अलावा आपको एक ऐक्छिक विषय (optional subject) भी आपकों चुनना होता है। आप चाहें तो ऑप्शनल सब्जेक्ट में आप ले सकतें हैं हिंदी, उर्दू , कंप्यूटर साइंस, आदि होते हैं. साथ ही ऑप्शनल सब्जेक्ट अलग-अलग बोर्ड के अनुसार अलग-अलग तरह के भी हो सकती है।
जीव विज्ञान(Biology)-
बायोलॉजी (Biology) –
अगर छात्र को लगता हैं की वह बायोलॉजी से 10 वीं के बाद, 11 वीं की शिक्षा प्राप्त करना छटा हैं और उसके पालक चाहते है की उनका पुत्र अथवा पुत्री मेडिकल के क्षेत्र में अपना बेहतरीन करियर बनाये| इसके लिए उन्हें 11वीं में बायोलॉजी विषय को चुनना चाहिए |
क्या आप जानते हैं की बायोलॉजी विषय से आप इन क्षेत्रों में अपना करीअर बना सकते हैं
एमबीबीएस
पशु डॉक्टर्स
आयुर्वेदा
मेडिसिन सर्जरी
डेंटल सर्जरी
फार्मेसी
इन विषयों पर आप अपना क्रेअर बना सकते है
नर्सिंग(Nursing)-
नर्सिंग के क्षेत्र में कैरिअर बनाने के लिए आपकों 11वी कक्षा में बायोलॉजी लेना अनिवार्य होगा |
Paramedical-
यदि आपकों pethology से सम्बन्धित कोर्स करना है तो आप बायोlogy विषय लेकर पढ़ सकते हैं|
फोरेंसिक विज्ञान (Forensic Science)
विज्ञान विषय में आप करियर की तलाश कर रहे छात्रों के पास जाएँ और उनसे सवाल करें की आप ने विज्ञान विषय से यूजी (स्नातक) और पीजी (स्नातकोत्तर) दोनों बीएससी (बैचलर ऑफ साइंस), एमएससी (मास्टर ऑफ साइंस) और पीएचडी (डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी) जैसे विभिन्न विज्ञान शाखाओं / विशेषज्ञता जैसे पाठ्यक्रमों में शिक्षा ली और क्या आप हमें कुछ मार्गदर्शन प्रदान करेंगे
गणित (Mathematics)-
यदि आप ग्यारबी कक्षा में गणित लेकर पड़ते हैं तो आपकों निम्न विस्यबस्तु पर पदाई करने में आसानी जायगी –
आईटीआई(iti)- आईटीआई का फुल फॉर्म, इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट, है | इसको हम हिंदी मैं ओद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के नाम से जानते है | आईटीआई बिभिन्न ट्रेडो में बिभिन्न प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है आप दसबी कक्षा पास करके भी आईटीआई में किसी भी ट्रेड में प्रशिक्षण ले सकते है |
आईटीआई मैं कुछ ट्रैड निम्न हैं-
electrician
कोपा
वेल्डर
फिटर
मशीनिष्ट
प्लंबर
टर्नर
इलेक्ट्रीशियन – यह कोर्स को करने की अवधि 2 वर्ष होती हैं जिसमें स्टूडेंट को बिजली कार्य से सम्बंधित प्रशिक्षण लेतें हैं | प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक करने के बाद आपकों इससे इलेक्ट्रिकल कार्य क्षेत्र मैं जॉब की सम्भावना बढ़ जाती है |
कोपा – इस कोर्स को करने की 1 अवधि वर्ष होती है इसमें कंप्यूटर कोoprate करना सिखाते हैं |
वेल्डर- इस कोर्स को करने की 1 अवधि वर्ष होती है इसमें वेल्डिंग सम्बन्धित प्रशिक्षण दिया जाता है
प्लंबर- इसमें प्लाम्ब्रिंग का काम सिखाते है |
आईटीआई के अलाबा आपके पास अन्य विषय पर भी बिकल्प होता है-
1.बी.ई
2.बीएससी
3.इंजीनियर
4.dca
कंप्यूटर साइंस –
कंप्यूटर साइंस में कंप्यूटर से जुड़े कोर्स पढ़ाय जाते है आज की टेक्नोलॉजी काफी एडवांस हो चुकी है और आंगे भाबिस्य मैं इसका स्कोप और ज्यादा होने बाला है और इसमें जॉब के बहुत ही ज्यदा चांस हैं यदि आप इस सेक्टर को चुनेंगे तो यह फ्यूचर में आपकों highpayingh जॉब दिलाने में काफी मदद करेगा | इसके अंतर्गत निम्न कोर्स आते हैं –

  1. PROGRAMMING LAUNGUGE
  2. PYTHON
  3. JAVA
    और भी अन्य प्रोग्राम सिखाये जाते हैं
    PGDCA-
    PGDCA कंप्यूटर से सम्बंधित कोर्स होता है इसमें कंप्यूटर के कुछ कोर्स के बारे में सिखाया जाता है जेसे MS WORD, MS-एक्सेल ,पॉवरपॉइंट,टैली इत्यादि |
    भौतिक विज्ञान (Physics)
    भौतिक विज्ञान की परिभाषा
    भौतिक विज्ञान ज्ञान की वह शाखा हैं जिसमे ज्ञान के विभिन्न द्रव्य और ऊर्जा के स्वरूपों का वर्णन किया गया हैं और इसके द्रव्य की विभिन्न क्रियाओ के बारे में बताया गया हैं ।
    भौतिक एक ऐसी ज्ञानं की पाठशाला हैं जिसमे हम अपना भविष्य को और भी बेहतर बना सकते हैं। और इसमें हमको नये नये चीजे का ज्ञान भी प्राप्त होता हैं इसमें हमें गति ,द्रव्य ,संचार ,और ऊष्मा जैसे कई चीजों के बारे में हमें जानने को मिलेगा ।और हमें कुछ ऐसी चीजों के बारे में भी जानने को मिलेगा जिसके बारे मै हमें पहले से पता नहीं था ।और हम कुछ पदार्थ जो की हमें पता नहीं थे। उसके बारे मै भी जानेगे इसमें हमको और भी ऐसी चीजों के बारे हम जानेगे जो 10th के पहले आपको बताया नहीं होगा ।
    रसायन विज्ञान (Chemistry)
    रसायन विज्ञानं में आपको रासायनिक क्रियाओ से हुए बदलाव और इसके अनुसार होने वाले गुणों संगटन ,
    भूविज्ञान (Geology)-
    इलेक्ट्रॉनिक्स(Electronics)विज्ञान
    जैव प्रौद्योगिकी (Biotechnology)
    सूक्ष्म जीव विज्ञान (Microbiology)
    कृषि (Agriculture)-
    यदि आपकों कृषि से सम्न्धित चीजों में जानने की जिज्ञाषा अधिक होती है तो आपके लिए agriculture एक बहुत ही अच्छा विषय हो सकता है आप इस विषय बस्तु को लेकर और भी knowladge प्राप्त कर अपने करियर को ऊँची उड़ान दे सकते है |
    पोषण और आहार विज्ञान (Nutrition and Dietetics)
    बागवानी (Horticulture)- उद्यानिकी बिभाग में
    जूलॉजी (Zoology)
    गृह विज्ञान (Home Science)
    Commerce
    CEC
    Arts
    MEC
    HEC
    Polytechnic
    ( 3 years )
    Mechanical
    Civil
    EEE
    IT
    Automobile
    Electronics & Communication
    Bio- Technology
    Electrical
    Chemical
    Aeronautical
    Agriculture
    Architecture
    Bio-Medical
    Marine technology
    Mining technology
    Leather technology
    Textile technology
    Petroleum technology
    Plastic technology
    Rubber technology
    ITI
    ( 2 years )
    Fitter
    Computer
    Civil(Draughtman)
    Mechanical
    Radio & TV
    Motor vehicle
    Diesel
    Marine
    Surveyor
    Electrical
    Machine tools
    Welder
    Firemen
    Cookery
    Paint Technology
    ( 3 years )
    DLMT
    DHFM
    DOA
    DOT
    Health Inspector
    Sanitary Inspector
    Short term courses
    (6 months/ 1year )
    DTP
    Tally
    Internet
    Graphics
    Animation
    Web designing
    Cyber Security
    IIIT
    Others
    Beauty & Cosmetology
    Jewelry Designing
    Fashion Designing
    Photography
    Examinations
    Exam Website
    APRJC www.aprs.cgg.gov.in
    Polytechnic Entrance www.appolitechnic.nic
    Govt. Jobs
    VRA
    Military
    AW (Female)
    Driving Posts